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VPN क्या है VPN कैसे काम करता है Type of VPN in Hindi

क्या आप जानते हैं कि what is vpn in hindi (VPN kya hai). शायद कुछ लोगों को पता हो कि VPN क्या होता है पर Type of VPN in Hindi ( VPN के प्रकार ) के बारे में बहुत कम ही लोगों को पता होगा.
आज हम इस Post के माध्यम से जानेंगे की VPN क्या होता है और VPN कैसे काम करता है और VPN के कितने प्रकार है.

VPN kya hai, Type of VPN in Hindi
VPN के बारे में जानकारी

दोस्तों! कई बार जब हम School और Colleges या फिर किसी Coffee shop में लगे हुए Computers या WiFi को Use करते है और कोई Person, जब हम कोई Website Visit करना चाहते हैं जैसे कोई Downloading Website, Social Media या अन्य  भी Website Visit करने की कोशिश करते हैं तो बहुत बार ऐसा होता है कि हम कुछ वेबसाइट को Visit नहीं कर पाते हैं और हमें 'Error' Show होने लगता है ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वो वेबसाइट हमारे Network Providers द्वारा Block किया गया रहता है.

VPN की मदद से आप Blocked Websites को आसानी से Open कर सकते हैं. पर VPN का इस्तेमाल करके Sites को Visit करना कितना सही है? Internet पर आपको Free और Paid दोनों तरह की VPN Service मिल जायेगा पर आपको VPN के फायदे और नुकसान के बारे में पता होना चाहिए. तभी आप इसका सही इस्तेमाल कर सकेंगे.
सबसे पहले जानते हैं कि what is VPN in Hindi (VPN kya hai).

VPN क्या है [What is VPN in Hindi] 

VPN जिसके बारे में हम आज जानने वाले है ये एक Short Form हैं क्या आपको पता है कि VPN का फुल फॉर्म क्या होता है.
Full form of VPN = Virtual Private Network
VPN का पूरा नाम = वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क

VPN एक Network की Technology है जिस के इस्तेमाल से आप अपने Public Network (Internet) या Private Network (WiFi) को और अधिक Secure बना सकते हैं.

जब आप कोई Web Address (Ex: Google.com) लिख कर Enter करते हैं और उस Website को Visit करने की कोशिश करते हैं तो सबसे पहले Request हमारे ISP(Internet Service Provider) जैसे BSNL, Airtel etc. के पास जाता है और फिर वहाँ से ISP हमारे Request को Google.com के सर्वर पर भेजता है पर अगर हमारे ISP ने उस साइट (उदाहरण के लिए हमने Google.com मान लिया है) को Block कर दिया है तो हमारा Request उस ISP के आगे जायेगा ही नहीं और हम अपने Website को Visit नहीं कर पाएंगे.

ऐसी Condition में हम VPN की मदद लेते हैं. VPN हमें एक दूसरा IP Address बना कर देता है और हम उस की मदद से Block Sites को भी Open कर लेते हैं.

VPN आपके IP Address को change कर देता है. VPN की मदद से आप किसी Network Provider को कुछ दिखाये बिना ही कुछ भी Search कर सकते हैं या कुछ भी Download कर सकते है. मतलब यह आपको Hide कर देता है.

आप जो भी Search करते है वो एक Data Bundle के रूप में Network Providers के पास जाता है तथा Data Encryption के कारण उसे Block नहीं किया जाता और आप आसानी से Block Websites को Visit कर पाते हैं.

अब तक आपको ये समझ तो आ गया होगा कि VPN क्या है. अब जानते हैं कि How VPN Works (in Hindi) - VPN कैसे काम करता है.

VPN कैसे काम करता है

अधिकतर लोग 2 तरह से VPN का use करते हैं पहला - अपने Smartphone में Apps Install करके.
दूसरा - Browser में Extension Add करके.

जब हम अपने Smartphone को या फिर अपने Browser को VPN से Connect कर लेते हैं. और फिर किसी Website को Visit करने की कोशिश करते हैं तो सबसे पहले हमारा Request उस VPN के Server पर जाता है और फिर उस Server से दूसरे Website पर जिस को हम Visit करना चाहते थे.

इस तरह से हमारे ISP (Internet Service Provider) को पता नहीं चल पाता है कि हम ने कौन सी Website Visit की है क्योंकि उसे बस इतना ही पता चलता है कि हम बस उस VPN के server को Visit कर रहें हैं न कि किसी Block Website को.
VPN kya hai Type of VPN in hindi
Image Source: Google.com

जब हम VPN के server पर पहुँचते हैं तो VPN के Server को ये पता होता है कि हम कौन सी Website Visit करना चाहते है और वो हमें उस Website पर भेज देता है.

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चूंकि जिस देश में वो VPN है वहां पर वो site Block नहीं है जिसे हम Visit करना चाहते हैं तो वो Site हमें आसानी से Visit हो जाती है.

और इस तरह से हम ISP (Internet Service Provider) को बिना बताये ही VPN की मदद से उस Block Website को visit कर लेते है.
पर जानने वाली बात ये है कि ISP किसी Site को Block कैसे करते हैं. आईये जानते हैं.

How ISP Block Websites : ISP किसी Website को Block कैसे करता है 


Full form of ISP = Internet Service Provider
ISP Full Form in Hindi = इंटरनेट सेवा प्रदाता

जब हम किसी Site को Visit करने की कोशिश करते है तो सबसे पहले उस साइट का Address हमारे ISP के पास जाता है और अगर ISP को उस Site को block करना होता है तो वो ISP के आगे उस Site के Server IP को रास्ता न देकर अपने Broadband, Router या खुद के ही Server के IP को ही उसके Site के address के आगे दे देती है.

जिस से हमारा Request कभी उस Site के server तक पहुँच ही नहीं पता, और हमारे ISP के Server पर ही रह जाता है जिस से वो Site ISP द्वारा Ban या Block माना जाता है.

उदाहरण से समझते है जिस से हमें ज्यादा समझ आयेगा.

मान लेते है भारत सरकार के आदेश पर ISP को Google.com को भारत में बैन या Block करना है.
अब, जब भी हम अपने Browser में Google.com लिख कर Enter करेंगे तो हमारे Device (Mobile, Tablet या Computer) से पहले Request हमारे ISP (BSNL, Jio, Airtel, Vodafone) के पास जायेगा की हम Google.com (जिसका Service IP 216.48.216.164 है) को visit करना चाहते है पर चुकी ये Address ISP द्वारा बैन किया गया है. ISP आपकी Request को कभी Google के server तक भेजेगा ही नहीं और आप इस Site को Visit नहीं कर पाएंगे.

VPN Websites को Unblock कैसे करता है

VPN, Sites को Unblock नहीं करता बल्कि उस Security को Bypass करता है. पर समझते है कि कैसे करता है.
VPN को 'ON' करने के बाद जब हम किसी Block Sites को Visit करने के लिए Request करते हैं तो वो VPN उस साइट के Address (Server IP) को न दिखा कर अपने VPN Server IP को show करता है और ISP को ये लगता है कि हम बबस उस VPN के Server को Visit करना चाहते हैं तो ISP हमें आगे जाने का रास्ता दे देता है.

जब हमारी request VPN के Server तक पहुँचती है तो VPN उस request को आगे हमारी Site(जिसे हम Visit करना चाह रहे थे) तक पहुँचाती है और वापस वहाँ से जानकारी ले कर अपने VPN Server तक आती है और फिर VPN Server उस जानकारी हो अपने Server IP की मदद से हम तक ले कर आता है.

इस पूरे क्रम में ISP(Internet Service Provider) को ये लगता है कि हम उस VPN Server से जानकारी ले रहे है
और वो VPN Server तो बैन नहीं रहता इस तरह से हम Block Sites को VPN की मदद से Use कर लेते हैं.

Type of VPN in Hindi

वैसे अगर देखा जाये तो VPN की कोई बड़ी Category नहीं है लोगों ने इसे अपनी समझ के अनुसार ही अलग-अलग Type से Categories कर दिया है.
मुख्यतः देखा जाये तो VPN को तीन भागों में बांटा जाता है मतलब VPN के तीन Type होते हैं.

  1. Remote Access
  2. Intranet-Based Site-to-Site
  3. Extranet-Based Site-to-Site
हम लोग (General Person) मतलब एक Individual User अधिकतर Remote Access VPN का Use करता है जबकि किसी Bussiness , किसी Factory या ऐसे ही जहाँ पर अधिक लोग एक साथ एक ही VPN का use करना चाहते हैं वहाँ पर Site-to-Site VPN का Use होता है.

Conclusion about VPN क्या है और यह कैसे काम करता है

इस पोस्ट में हमने जिन चीजों के बारे में बात किया वो तो आपको समझ ही आ गया होगा.
हमनें आज जाना कि What is VPN in Hindi (VPN Kya hai क्या है), VPN कैसे काम करता है. हमनें Types of VPN in Hindi में जिन 3 Types के VPN के बारे में बताया है उसे हम अपने आने वाले Posts में अलग से Explain करेंगे.

हमनें अपनी तरह से आपको उदाहरण की सहायता से समझाने की पूरी कोशिश की है अगर अभी भी आपकी कोई शिकायत या कोई प्रश्न हो तो आप हमसे Comment Box में पूछ सकते हैं.

Suggestion : VPN का Use अपनी Privacy को सुरक्षित रखने के लिए कीजिये.

VPN का Use करके कोई गैर क़ानूनी काम कभी न करें क्योंकि सरकार या किसी क़ानूनी अधिकारी के कहने पर VPN Companies आपके द्वारा उनके VPN का Use करते हुए किये गए ग़ैरकानूनी दस्तावेज Provide करा देतीं हैं. इसी वजह से Hackers द्वारा किसी Site या Server को Hack किया जाने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है.

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